Inamdar Hospital

Back Pain Hospital in Pune

Problems caused by sitting and working for long periods

लंबे समय तक बैठकर काम करने से होने वाली समस्याएं

आज के डिजिटल दौर में अधिकांश लोग दिन का बड़ा हिस्सा कंप्यूटर या लैपटॉप के सामने बैठकर काम करते हैं। चाहे आप ऑफिस में हों या घर से काम कर रहे हों, लंबे समय तक एक ही जगह बैठने की आदत धीरे-धीरे आपके स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। शुरुआत में यह केवल हल्की थकान या कमर दर्द जैसा महसूस हो सकता है, लेकिन समय के साथ यह कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। लंबे समय तक बैठने से शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है? जब हम लगातार कई घंटों तक बिना हिले-डुले बैठे रहते हैं, तो शरीर की मांसपेशियां कम सक्रिय हो जाती हैं। इससे रक्त संचार धीमा पड़ता है, कैलोरी कम खर्च होती है और शरीर के कई अंगों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। नियमित शारीरिक गतिविधि की कमी से कई स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। लंबे समय तक बैठकर काम करने से होने वाली प्रमुख समस्याएं 1. कमर और गर्दन का दर्द सबसे आम समस्या पीठ, कमर और गर्दन में दर्द है। गलत पोस्चर में बैठने या लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहने से रीढ़ की हड्डी और मांसपेशियों पर दबाव बढ़ता है। संभावित लक्षण: कमर में लगातार दर्द गर्दन में अकड़न कंधों में जकड़न लंबे समय तक बैठने के बाद उठने में कठिनाई 2. वजन बढ़ना और मोटापा लंबे समय तक बैठे रहने से शरीर कम ऊर्जा खर्च करता है। यदि खानपान नियंत्रित न हो, तो अतिरिक्त कैलोरी शरीर में वसा के रूप में जमा होने लगती है, जिससे वजन बढ़ने की संभावना रहती है। 3. मधुमेह (डायबिटीज) का खतरा कम शारीरिक गतिविधि शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता को प्रभावित कर सकती है। इससे टाइप 2 डायबिटीज का जोखिम बढ़ सकता है, विशेषकर यदि व्यक्ति पहले से ही अधिक वजन या पारिवारिक इतिहास रखता हो। 4. हृदय रोगों का बढ़ता जोखिम लगातार बैठे रहने से रक्त संचार प्रभावित होता है, जिससे उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल बढ़ना और हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। 5. मांसपेशियों की कमजोरी जब पैरों, कूल्हों और पीठ की मांसपेशियों का नियमित उपयोग नहीं होता, तो वे धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं। इससे संतुलन और शारीरिक क्षमता पर असर पड़ सकता है। 6. आंखों पर प्रभाव कंप्यूटर स्क्रीन के सामने लगातार बैठने से आंखों में तनाव बढ़ सकता है। लक्षण: आंखों में जलन धुंधला दिखाई देना सिरदर्द आंखों का सूखापन 7. मानसिक तनाव और थकान लगातार बैठे रहकर काम करने से मानसिक थकान, तनाव और एकाग्रता में कमी महसूस हो सकती है। नियमित शारीरिक गतिविधि की कमी मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकती है। किन लोगों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए? आईटी प्रोफेशनल्स बैंक कर्मचारी कॉल सेंटर कर्मचारी अकाउंटेंट विद्यार्थी वर्क फ्रॉम होम करने वाले लोग लंबे समय तक वाहन चलाने वाले व्यक्ति लंबे समय तक बैठने से बचने के आसान उपाय हर 30–45 मिनट में उठें लगातार बैठने की बजाय हर 30–45 मिनट बाद कम से कम 2–5 मिनट टहलें या हल्का स्ट्रेच करें। सही पोस्चर अपनाएं पीठ सीधी रखें। दोनों पैर जमीन पर टिके हों। स्क्रीन आंखों के स्तर पर रखें। कुर्सी में कमर को उचित सपोर्ट मिले। नियमित व्यायाम करें रोजाना कम से कम 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि जैसे तेज़ चलना, योग, साइक्लिंग या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग अपनाएं। स्ट्रेचिंग करें काम के दौरान समय-समय पर: गर्दन घुमाएं कंधे स्ट्रेच करें हाथ और कलाई की एक्सरसाइज करें पैरों को फैलाएं पर्याप्त पानी पिएं पर्याप्त पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है और बार-बार उठने का अवसर भी मिलता है। 20-20-20 नियम अपनाएं हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए लगभग 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखें। इससे आंखों पर पड़ने वाला तनाव कम हो सकता है। कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए? यदि आपको निम्न समस्याएं लगातार बनी रहें, तो चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है: लगातार कमर या गर्दन में दर्द हाथ या पैरों में सुन्नपन चलने-फिरने में कठिनाई बार-बार सिरदर्द आंखों की परेशानी लगातार थकान या कमजोरी लंबे समय तक बैठकर काम करना आज की जीवनशैली का हिस्सा बन चुका है, लेकिन यदि इसके दुष्प्रभावों को नजरअंदाज किया जाए, तो यह भविष्य में कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। सही पोस्चर, नियमित व्यायाम, समय-समय पर ब्रेक लेना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इन समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है। छोटी-छोटी आदतों में बदलाव आपके स्वास्थ्य को लंबे समय तक बेहतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि लंबे समय तक बैठकर काम करने के कारण आपको कमर दर्द, गर्दन दर्द, जोड़ों में परेशानी, लगातार थकान या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं महसूस हो रही हैं, तो समय पर विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है। Inamdar Hospital, Pune में अनुभवी चिकित्सकों की टीम, आधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाएं और मल्टीस्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं। यहां नियमित Health Check-up, Orthopedic Care, Physiotherapy, Cardiology, Neurology तथा अन्य विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के माध्यम से मरीजों को समग्र उपचार प्रदान किया जाता है। समय पर जांच और उचित उपचार स्वस्थ एवं सक्रिय जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं।

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क्या आप कमर दर्द से परेशान हैं? जानिए कारण, निदान, और उपचार(Back Pain Causes, Diagnosis, and Treatment in Hindi)

नीचें झुकनेसे या कुछ भारी उठानेसे या बहोत देरतक एक जगहपर बैठने से पीठके निचलें हिस्सेमैं दर्द होता है यही कमर दर्द(Back Pain) है| बहोतबार इसका इलाज घरपरही किया जाता है, दवाई अपने मन से  ली जाती है, तेलसे मालिश की जाती है, लेकिन कोईभी दवाई का इलाज करनेके लिए पहले उसका कारण पता होना चाहिए| कमरदर्द के कारण (Cause of Back Pain):  कमरदर्द(Back Pain) के बहोतसे कारण हो सकते है| अगर इन पर ध्यान देंगे तो इस समस्यापर असानिसे रहत मिलती है| ज्यादा देर तक एक जगहपर बैठनेसे, निष्क्रिय जीवनशैलीसे(inactive lifestyle) शरीर में कैल्शियम(Calcium) की कमी बचपनमे भारी स्कूलबैग उठानेसे वजन बढनेसे, कसरत ना करनेसे अधिक समय तक हाई हील पहननसे गंभीर बीमारी या स्लिपडिस्क(Slip Disc) होनेसे मांस पैशियोंमे तालमेल बिगद्नेसे रोज टू व्हीलर  के दौरान खड्डोंकी वजहसे मार लगानेके कारन पेट साफ़ न होना, गैसेस होना तनाव, नींद पूरी न होना अदि महिलओंमें गर्भावस्था(Pregnancy),मोनोपोज़(Menopause),मासिकधर्ममैं (menstruating)होने वाला कमरदर्द आदि कमरदर्द का निदान(Diagnosis of back pain): कमरदर्द(Back Pain) का निदान करनेके लिए पहले शारीरिक परिक्षन करते है, उसमे निचे दिए शक्यताओ की जाँच की जाती है| खड़े होना,चलना रीढ़की हड्डीकी मुव्हमेंट,सजगता, पैरोकी तकाद(advocate force),पैरोमें होनेवाली सनसनी अदि गम्भीर लक्षणोंकेलिये नीचें दिये गये परिक्षण करते है| एक्स-रे(X-Ray): रीढ़की हड्डीयोंका संरेखन देखने के लिए और क्षतिकी जाँच करनेके लिए करते है| सिटी स्कैन(CT- Scan)/ एमआरआई(MRI): स्लिप डिस्क(Slip Disc), फ्राक्चर(Fracture), मांसपेशिया(muscle), लिगामेंट(Ligament), रक्त वाहिका(blood vessel)आदिका आकलन करनेके लिए की जाती है| कमर दर्द के उपचार(Treatment of back pain): औषधि: नॉन स्टरॉईडल(Medication: Non steroidal), मसल रिल्याकटंट टँबलेट(Muscle Relaxant Tablet)दर्द से रहत के लिए, क्रीम, लेप या मरहम दर्द के स्थान पर लगाने के लिए,नार्कोटीक्स(Narcotics), एंटीडिप्रेसेंट(antidepressant)जैसी दवाइया कम मात्र मैं क्रोनिक दर्द मैं डॉक्टर द्वारा दी जाती है,यदि अन्य उपचारोंसे राहत न मिले तो कोर्टीसोन इंजेक्शन दर्द कम करने के लिए दिया जाता है| शारीरिक उपचार और व्यायाम: इसमें ऊष्मा, अल्ट्रासाउंड, विद्युत उत्तेजना और मांसपेशियोंको आराम देनेवाली तकनीके अपनाते है , सुधारआनेके बाद लचीलापन बढानेकेलिए और मांसपेशिया मजबूत होनेके लिए व्यायाम कराया जाता है| शस्त्रक्रिया(surgery): बहोत कम माम्लोमें शस्त्रक्रिया करना जरुरी होता है , यदि स्पाइनल कोर्डसे संबधित समस्या हो,या मांसपेशियोंसे जुडा असहनीय दर्द हो तो शस्त्रक्रिया की जाती है| कमर दर्द यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है, छोटीमोटी सावधानिया बरतनेसे आप इससे छुटकारा पा सकते है| पुणे में इनामदार मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल(Inamdar Multispeciality Hospital) एक अत्याधुनिक अस्पताल है जो कम लागत पर सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवा प्रदान करता है। यहां डॉक्टरों की टीम अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता और समर्पण के लिए जानी जाती है। अस्पताल की पूरी टीम मरीजों की देखभाल करने और उनके परिवारों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है। रोगी की देखभाल एक परिवार की तरह की जाती है ताकि समय पर दवा उपचार से रोगी जल्द से जल्द ठीक हो सके। पुणे के इनामदार मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल(Inamdar Multispeciality Hospital)केंद्र में स्थित और अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ, इनामदार मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल सभी बीमारियों के लिए उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा प्रदान करता है

क्या आप कमर दर्द से परेशान हैं? जानिए कारण, निदान, और उपचार(Back Pain Causes, Diagnosis, and Treatment in Hindi) Read More »